Posts

Showing posts with the label Hanuman ji

हनुमान चालीसा का ज्ञान वर्तमान परिपेक्ष में

हनुमान चालीसा का ज्ञान वर्तमान परिपेक्ष में 〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️ कई लोगों की दिनचर्या हनुमान चालीसा पढ़ने से शुरू होती है। पर क्या आप जानते हैं कि श्री *हनुमान चालीसा* में 40 चौपाइयां हैं, ये उस क्रम में लिखी गई हैं जो एक आम आदमी की जिंदगी का क्रम होता है। माना जाता है तुलसीदास ने चालीसा की रचना बचपन में की थी।  हनुमान को गुरु बनाकर उन्होंने राम को पाने की शुरुआत की। अगर आप सिर्फ हनुमान चालीसा पढ़ रहे हैं तो यह आपको भीतरी शक्ति तो दे रही है लेकिन अगर आप इसके अर्थ में छिपे जिंदगी  के सूत्र समझ लें तो आपको जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिला सकते हैं।  हनुमान चालीसा सनातन परंपरा में लिखी गई पहली चालीसा है शेष सभी चालीसाएं इसके बाद ही लिखी गई।  हनुमान चालीसा की शुरुआत से अंत तक सफलता के कई सूत्र हैं। आइए जानते हैं हनुमान चालीसा से आप अपने जीवन में क्या-क्या बदलाव ला सकते हैं…. शुरुआत गुरु से… 〰️〰️〰️〰️〰️ हनुमान चालीसा की शुरुआत *गुरु* से हुई है… श्रीगुरु चरन सरोज रज,  निज मनु मुकुरु सुधारि। *अर्थ* - अपने गुरु के चरणों की धूल से अपने मन के दर्पण को साफ करता हूं...

Bada Mangal : ज्येष्ठ माह का बड़ा मंगलवार, होती है बजरंग बली की पूजा-जानें क्यों खास है ये दिन

हिन्दू धर्म में हमेशा ही मंगलवार को हनुमान जी की पूजा की जाती है। वहीं ज्येष्ठ माह के मंगलवार को बड़ी धूम से मनाया जाता है। आज ज्येष्ठ माह का पहला मंगलवार है। इस बार ज्येष्ठ में चार मंगलवार पड़ने वाले हैं।  हुई थी श्रीराम से मुलाकात माना जाता है कि ज्येष्ठ माह के महीने में पड़ने वाले मंगलवार को ही हनुमान जी की मुलाकात प्रभु श्रीराम से हुई थी। भगवान शिव के 12 रूद्र अवतार माना जाता है कि शिव ने 12 रुद्र अवतार लिए थे। जिनमें सर्वश्रेष्ठ माने जाते हैं। बताया जाता है कि एक बार लखनऊ के नवाब सआदतअली खां काफी बीमार हो गए थे। उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए मां छतर कुंबर ने हनुमान जी से मन्नत मांगी थी। मन्नत पूरी होने के बाद उन्होंने अलीगंज में हनुमान मंदिर बनवाया था। ऐसे करें पूजा ज्येष्ठ माह में आने वाले मंगलवार के दौरान मंदिरों में खास रौनक दिखती है मगर लॉकडाउन के बाद ऐसा करना ना तो संभव है और ना ही उचित। इस दिन हनुमान चालिसा का पाठ करना चाहिए। इस दिन हनुमान का मंत्र पढ़ना भी शुभ माना जाता है। आप हनुमान जी को चना, गुड, मीठी पूड़ी आदि प्रसाद चढ़ाना चाहिए।