Akshay tritiya,अक्षय तृतीया
श्री लक्ष्मी गायत्री मंत्र ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥ ॐ का अर्थ ईश्वर अथवा परमपिता परमात्मा रुप मां महालक्ष्मी जो भगवान श्री हरि अर्थात भगवान विष्णु की पत्नी हैं हम उनका ध्यान धरते हैं वे मां लक्ष्मी हमें सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा दें। अर्थात हम मां महालक्ष्मी का स्मरण करते हैं एवं उनसे प्रार्थना करते हैं कि वे हम पर अपनी कृपा बनाएं रखें। 1.इस दिन कोई भी शुभ व मांगलिक कार्य, खरीददारी से संबंधित कार्य किए जा सकते हैं। 2. इस दिन पितरों को किया गया तर्पण तथा पिन्डदान, दान, अक्षय फल प्रदान करता है। 3.भगवान विष्णु के छटवें अवतार भगवान परशुराम जी की जयंती पर्व अक्षय तृतीया पर मनाया जाता है 4. इस दिन विशेष रूप से लक्ष्मी और स्वामी कुबेर जी की पूजा का महत्व है 5.इस दिन व्रत रखने से कुल उद्धारक पुत्र की प्राप्ति होती है 1. जिन व्यक्तियों के घर में बरकत न हो या रोजगार की व्यवस्था न हो पा रही हो वे गायत्री मंत्र की 1 माला जब तक कार्य न हो, तब तक करें। यदि सवा लाख जप कर दशांश हवन, तर्पण, मार्...