गुड फ्राइडे
ईसाई धर्म ग्रंथ बाइबिल के अनुसार, सन् 33 ई. में 21 मार्च के बाद पड़ने वाली पूर्णिमा तिथि के पहले फ्राइडे को ईसा मसीह को शूली पर चढ़ाया गया था। जिसे बाद में गुड फ्राइडे के रूप में मनाया जाने लगा। इस दिन ईसाई समाज के लोग ईसा मसीह की याद में व्रत रखते है, चर्च में #प्रार्थनाएं करते हैं। गुड फ्राइडे को ईसाई लोग एक पवित्र सप्ताह मानते है। गुड फ्राइडे के मौके पर गिरिजाघरों में प्रार्थना सभा के अलावा किसी प्रकार का कोई कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जाता है। ईसा मसीह के मनुष्यों से लेकर जानवरों तक हर किसी को #परमात्मा _का_अंश मानते थे। समय-समय पर ईसा मसीह ने कई सारी #रूढ़िवादिताओं_के_खिलाफ_आवाज भी उठाई। महिलाओं से लेकर बच्चों हर किसी के जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास किया। इसलिए संसार भर में आज भी उनके विचारों की पूजा होती है। ऐसा माना जाता है कि यहूदियों ने ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाकर मारने का आदेश दे दिया। जिस दिन ईसा मसीह को सूली पर लटकाया गया उस दिन शुक्रवार था। तब से उनके अनुयायियों में गुड फ्राइडे मनाने की परंपरा शुरू हो गई। ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाने के लिए उनके विरोधी उन्हें गुलगुता नामक स...