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निष्काम कर्मयोग

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श्रीकृष्ण भगवान विष्णु के 8वें अवतार और हिन्दू धर्म के ईश्वर माने जाते हैं। कन्हैया, श्याम, गोपाल, केशव, द्वारकेश या द्वारकाधीश, वासुदेव आदि नामों से भी उनको जाना जाता हैं। कृष्ण निष्काम कर्मयोगी, एक आदर्श दार्शनिक, स्थितप्रज्ञ एवं दैवी संपदाओं से सुसज्ज महान पुरुष थे। श्रीमद्भागवत गीता में संसार की सभी जानकारियां मौजूद है। मनुष्य के मन में उत्पन्न होने वाले सभी प्रश्नों का उत्तर हमें श्रीमद्भगवद्गीता में देखने को मिलता है। महाभारत युद्ध शुरू होने से पहले भगवान श्री कृष्ण ने कुरुक्षेत्र में अर्जुन को श्रीमद भगवत गीता का ज्ञान दिया था और अर्जुन को जीवन की सच्चाई और रहस्य के बारे में बताया था। श्री मद्भागवतकथा के बारे में अधिक जानने के लिए हमसे संपर्क करें दोस्तों भगवान श्री कृष्ण ने जीवन से जुड़ी बहुत सारी बातें अर्जुन को बताई थी, उन्हीं में से आज हम आप लोगों को एक बातें बताने जा रहे हैं, जिसे अर्जुन ने भगवान श्रीकृष्ण से पूछा था। दोस्तों अर्जुन भगवान श्री कृष्ण से कहते हैं कि हे प्रभु यदि मन को वश में रखा जाए तो मुक्ति का द्वार खुल जाता है? क्या मन को वश में रखने का कोई सरल मार्ग है? इ...

श्री संकट नाशन गणेश स्तोत्र

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*श्री संकट नाशन गणेश स्तोत्र* शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ   नारद उवाच  प्रणम्य शिरसा देवं गौरीपुत्रं विनायकम् । भक्तावासं स्मरेन्नित्यमायुः कामार्थसिद्धये ।।1।। प्रथमं वक्रतुडं च एकदन्तं द्वितीयकम् । तृतीयं कृष्णपिंगाक्षं गजवक्त्रं चतुर्थकम् ।।2।। लम्बोदरं पंचमं च षष्ठ विकटमेव च । सप्तमं विघ्नराजेन्द्रं धूम्रवर्णं तथाष्टमम् ।।3।। नवमं भालचन्द्रं च दशमं तु विनायकम् । एकादशं गणपतिं द्वादशं तु गजाननम् ।।4।। द्वादशैतानि नामानि त्रिसन्ध्यं यः पठेन्नरः । न च विध्नभयं तस्य सर्वसिद्धिकरं परम् ।।5।। विद्यार्थी लभते विद्यां धनार्थी लभते धनम् । पुत्रार्थी लभते पुत्रान्मोक्षार्थी लभते गतिम् ।।6।। जपेग्दणपतिस्तोत्रं  षड् भिर्मासैः फ़लं लभेत् । संवत्सरेण सिद्धिं च लभते नात्र संशयः ।।7।। अष्टभ्यो ब्राह्मणेभ्यश्च लिखित्वा यः समर्पयेत् । तस्य विद्या भवेत् सर्वा गणेशस्य प्रसादतः ।।8।। || इति श्री नारदपुराणे संकटनाशनम गणेश स्तोत्रम सम्पूर्णम ||

वेद ज्ञान

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सनातन धर्म की जानकारी 1-अष्टाध्यायी पाणिनी 2-रामायण वाल्मीकि 3-महाभारत वेदव्यास 4-अर्थशास्त्र चाणक्य 5-महाभाष्य पतंजलि 6-सत्सहसारिका सूत्र नागार्जुन 7-बुद्धचरित अश्वघोष 8-सौंदरानन्द अश्वघोष 9-महाविभाषाशास्त्र वसुमित्र 10- स्वप्नवासवदत्ता भास 11-कामसूत्र वात्स्यायन 12-कुमारसंभवम् कालिदास 13-अभिज्ञानशकुंतलम् कालिदास   14-विक्रमोउर्वशियां कालिदास 15-मेघदूत कालिदास 16-रघुवंशम् कालिदास 17-मालविकाग्निमित्रम् कालिदास 18-नाट्यशास्त्र भरतमुनि 19-देवीचंद्रगुप्तम विशाखदत्त 20-मृच्छकटिकम् शूद्रक 21-सूर्य सिद्धान्त आर्यभट्ट 22-वृहतसिंता बरामिहिर 23-पंचतंत्र। विष्णु शर्मा 24-कथासरित्सागर सोमदेव 25-अभिधम्मकोश वसुबन्धु 26-मुद्राराक्षस विशाखदत्त 27-रावणवध। भटिट 2...

यंत्रों में सर्वोत्तम श्रीयंत्र - श्री यन्त्र और श्री विद्या त्रिपुर सुंदरी - प्रतिदिन करें श्रीयंत्र की पूजा, मिलेंगी अद्भुत शक्तियां और अपार धन - Best Among Yantras, 'SHRI YANTRA' - DAILY WORSHIP Can Give Immense Wealth & Power :

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यंत्रों में सर्वोत्तम श्रीयंत्र - श्री यन्त्र और श्री विद्या त्रिपुर सुंदरी - प्रतिदिन करें श्रीयंत्र की पूजा, मिलेंगी अद्भुत शक्तियां और अपार धन - Best Among Yantras, 'SHRI YANTRA' - DAILY WORSHIP Can Give Immense Wealth & Power :  प्रतिदिन श्रीयंत्र के दर्शन मात्र से ही इसकी अद्भुत शक्तियों का लाभ मिलना शुरू हो जाता है, ऐसा पौराणिक शास्त्रों में उल्लेख है। अत: मनुष्‍य को चाहिए कि वे हर रोज श्रीयंत्र के दर्शन और पूजन का लाभ अवश्य लें। इतना ही नहीं नियमित मां महालक्ष्मी के मंत्र जाप करने अथवा शुक्रवार के दिन महालक्ष्मी और श्रीयंत्र का पूजन करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर अपने भक्तों को अद्भुत शक्तियां और अपार धन देती है।  महालक्ष्मी व्रत के बारे में जानने और पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें श्रीयंत्र को यंत्रराज भी कहा जाता है। मंत्रों में गायत्री मंत्र को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है तो यंत्रों में श्रीयंत्र को सर्वोत्तम माना जाता है। भगवती त्रिपुरसुंदरी की साधना (श्रीयंत्र साधना) सर्वोच्च और सर्वश्रेष्ठ साधना है। अनेक साधकों, गृहस्थों, संन्यासियों ने खुले हृदय से स्...

तुलसी_जी_के_लाभ_और_देखभाल

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आपको तुलसी जी का पौधा बता देगा, आप पर कोई मुसीबत आने वाली है l क्या आपने कभी इस बात पर ध्यान दिया कि आपके घर, परिवार या आप पर कोई मुसीबत आने वाली होती है तो उसका असर सबसे पहले आपके घर में स्थित तुलसी के पौधे पर होता है।  आप उस पौधे का कितना भी ध्यान रखें धीरे-धीरे वो पौधा सूखने लगता है (नोट बहुत ज्यादा सर्दी मे भी तुलसी सूख जाती है )तुलसी का पौधा ऐसा है जो आपको पहले ही बता देगा कि आप पर या आपके घर परिवार को किसी मुसीबत का सामना करना पड़ सकता है। पुराणों और शास्त्रों के अनुसार माना जाए तो ऐसा इसलिए होता है कि जिस घर पर मुसीबत आने वाली होती है उस घर से सबसे पहले लक्ष्मी यानी तुलसी चली जाती है।  क्योंकि दरिद्रता, अशांति या क्लेश जहां होता है वहां लक्ष्मी जी का निवास नही होता। अगर ज्योतिष की माने तो ऐसा बुध के कारण होता है। बुध का प्रभाव हरे रंग पर होता है और बुध को पेड़ पौधों का कारक ग्रह माना जाता है। बुध ऐसा ग्रह है जो अन्य ग्रहों के अच्छे और बुरे प्रभाव जातक तक पहुंचाता है। अगर कोई ग्रह अशुभ फल देगा तो उसका अशुभ प्रभाव बुध के कारक वस्तुओं पर भी होता है। अगर कोई ग्र...

ईश्वर का अस्तित्व

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ईश्वर है और प्रार्थना भी सुनता है - एक सत्य घटना - ऐसी कहानी, जो आप को अन्दर तक झकझोर देगी, हृदय को छू जाएगी, आनन्द विभोर कर देगी - MIRACLE Of GOD - A REAL STORY, Which Will DEEPLY TOUCH YOUR HEART :  प्रभु के चमत्कार की एक सच्ची कहानी : यह सच्ची कहानी या सत्य घटना मैंने अपने दादा जी स्वर्गीय पं. रामलाल शुक्ला के मुँह से सुनी थी। उन्होंने स्वयं यह घटना अपने पिता (यानी मेरे परबाबा या प्रपितामह) स्व. पं. जगेश्वर शुक्ला से सुनी थी। घटना मेरे पूर्वजों के ग्राम तुलसी, जिला जाँजगीर, छत्तीसगढ़, भारत की है। सन् 1880 के अक्टूबर-नवम्बर (दीपावाली के आसपास) की बात है। तब ग्राम तुलसी जिला बिलासपुर में आता था। बनारस की एक रामलीला मण्डली लीला खेलने तुलसी आई हुई थी। लीला में 20-22 कलाकार थे, जो मेरे परबाबा जगेश्वर शुक्ला के घर पर ही ठहरे हुए थे, एक बड़े हालनुमा कमरे में। वहीं वे लोग अपना भोजन बनाते-खाते और रिहर्सल वगैरह करते थे। लीला-मण्डली के स्वामी और निर्देशक थे, 45-46 वर्षीय पं. कृपाराम दुबे। मण्डली में एक 35-36 वर्षीय फौजदार शर्मा नाम का भी आदमी था, जो पं. कृपाराम दुबे के सहायक व लीला-मण्डली क...

रामायण रखने से घर में नहीं होगी अन्न की कमी

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कुछ ही दिनों में अधिकमास शुरू हो जाएंगे। शुभ लग्न का मुहुर्त फिर अधिकमास निकलने के बाद ही होगा। लेकिन, घर में सबकुछ शुभ रहे ये चाहते हैं तो ज्योतिषाचार्य की बात मानकर देखें। प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉ.अरविंद मिश्र का कहना है कि जिस घर में रामायण रखी होती है, वहां कभी भूत, पिशाच, प्रेतों का वास नहीं होता है। इसलिए हर घर में रामायण जरूरी है। रामायण रखने से घर में नहीं होगी अन्न की कमी ज्योतिषाचार्य  बताते हैं कि घर में रामायण के पास शाम के समय देशी घी का दीपक जलाएं, यदि आप रोजाना ऐसा करेंगे तो घर में अन्न की कमी कभी नहीं होगी। जिस घर में रामायण के पास सुबह शाम गौ माता के घी का दीपक प्रतिदिन जलाया जाता है, उस घर में आरोग्य बढ़ता है, बीमारियां कम होती है। जिस घर में यदि रामायण की शाम के समय देशी घी का दीपक जलाकर रामायण की आरती प्रतिदिन होती है। उस घर पर श्रीराम की कृपा सदैव रहती है और घर घर में शांति का वातावरण रहता है। जिस घर में 1 माह में मात्र पूर्णिमा को प्रति माह रामायण का पाठ होता है। उस घर में अकाल मृत्यु नहीं होती है। जिस घर में प्रति सप्ताह रामायण होती है, उस घर पर श्रीराम और म...